मंगलवार, 29 सितंबर 2015

किस किस को प्यार करूँ में दर्शकों को अपना दिमाग ख़र्च नही करना पड़ेगा

पी वी आर, सिटी मॉल, अँधेरी ( वेस्ट )  मुंबई। सिनेमा घर में ७० प्रतिशत दर्शक।  ३५ करोड़ की कमाई की है अभी तक  कपिल शर्मा की पहली फिल्म "किस किस को प्यार करूँ" ने
फिल्म " किस किस को प्यार करूँ "  में कपिल की  तीन पत्नियां और एक गर्ल फ्रेंड दिखायी हैं तो इन सबके बीच वो कैसे बार - बार फसंता है और उसका वकील दोस्त करन (वरुण शर्मा ) न्यूटन के साइंस लॉजिक से कैसे उसे बचाता है यही सब फ़िल्म है , क्या कभी किसी ने सोचा होगा कि अब्बास मुस्तन जैसे निर्देशक जो कि सस्पेंस थ्रिलर फ़िल्में बना कर दर्शकों के दिमाग का दही किया करते थे वो आज ऐसी फ़िल्में बनायेगें जिससे दर्शकों को अपना दिमाग ही ख़र्च न करना पड़े। 

वैसे भी आज कल हास्य फिल्मों का मतलब हमारे यहाँ यहीं रह गया है कि हास्य फिल्म देखना है तो आपको दिमाग घर पर रख कर आना चाहिये। कहानी - तर्क किन्तु - परन्तु पर ध्यान नही देना चाहिए  और यही इस फिल्म में भी हुआ है।  इस फिल्म की कहानी कुछ नयी नही है गोविंदा ने तो साजन चले ससुराल , सैंडविच जैसी कई फिल्मों में २ पत्नियों को हैंडिल किया है और दर्शकों को भरपूर हंसाया भी है।  कपिल ने भी कुछ कोशिश की दर्शकों को हँसाने की।  वैसे वह अपने सारे कॉमेडी पंचेज तो कॉमेडी नाईट विध कपिल में प्रयोग में ला चुके हैं।  कुछ इस फिल्म में भी कपिल ने प्रयोग में लायें हैं जैसे बच्चे का जन्म होना।  अरबाज़ खान ने बहरे टाइगर भाई की भूमिका अच्छी की है। कपिल की पत्नियाँ बनी हीरोइनों को दर्शक पहचाने भी नही वो कौन हैं। उनसे ज्यादा तो नौकरानी बनी जॉनी लीवर की बेटी जैमी लीवर ने अच्छा काम किया है।

फिल्म का पहला भाग कुछ सुस्त है , फिल्म का गीत - संगीत भी कमजोर है , बेवजह ही गीतों को फिल्म में रखा गया है। इंटरवेल के बाद फिल्म में कुछ एनर्जी आती है जब शरत सक्सेना और सुप्रिया पाठक आते हैं शरत जब - जब परदे पर आते हैं कोई न कोई पुराना गीत बजता है जिससे दर्शकों को हंसी आती है। एक बार फिल्म देख सकते हैं क्योकि कपिल ने अपने शो के माध्यम से दर्शकों को हँसना सिखाया है तो यह फिल्म तो उनके नाम बनती ही है।  
  

शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

कई फिल्मों की कहानियों को मिलाकर बना दी फिल्म कट्टी बट्टी

फन सिनेमा, शुक्रवार १८ सितम्बर, सुबह ११-३५ का शो टाइम फिल्म #कट्टीबट्टी , ७० प्रतिशत दर्शक


 बैक तो बैक दो फ़िल्में "हीरो"  और "कट्टी बट्टी"रिलीज़ हुई निर्देशक निखिल अडवाणी की, लेकिन दोनों ही फ़िल्में दर्शकों को रिझाने में कामयाब नही हो पायी। "कट्टी बट्टी" क्या सोच कर बनायी नहीं पता, पुरानी कहानी पुराना संगीत, इमरान को देख कर तो उनकी कई फिल्मों की यादें ताज़ा हो गयी जैसे वो इस फिल्म में कंगना के पीछे भागते रहते हैं वैसे ही वो फिल्म "ब्रेक के बाद" में दीपिका के पीछे भागते थे। पुरानी फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी कंगना के लिये उसके बॉय फ्रेंड लड़ते रहते हैं. हैं न कुछ अजीब --- 

रुकी हुई सी फिल्म लगती है "कट्टी बट्टी" जिसमें न रोमांस न इमोशंस न दिल को छूने वाले संवाद, उस पर फिल्म के आखिरी में फिल्म में कुछ नया दिखाने के चक्कर में  हीरोइन को कैंसर।  लेकिन फिर भी शायद ही किसी भी दर्शक का दिल पिघला होगा पायल की बिमारी को देख कर. फिल्म में नायिका को कैंसर की बिमारी है यह नायक को छोड़कर बाकी सबको पता है लेकिन कोई बताता नही यह कुछ अजीब लगता है और जिस तरह से पता चलता है वो ड्रामा भी कुछ अजीब है।   मध्यांतर से पहले की फिल्म फिर भी देखी जा सकती है लेकिन बाद की तो बहुत ही लचर है.  

कुछ नया नही है फिल्म में और पुराना भी ऐसे पेश किया है जैसे देखने में मज़ा नही आ रहा। इमरान को देख कर लगता ही नहीं कि हम उनकी कोई नयी देख रहे हों। कंगना ने जरूर कुछ नया करने की कोशिश की है।

दो गाने "लिप टू लिप दे किसियाँ " और "सौं आँसू" ठीक हैं बाकी बेवजह हैं। कंगना की सफलता और बढ़ती लोकप्रियता शायद बचा पाये इस फिल्म को।  

फिल्म देखें या न देखें आपकी मर्जी है , वैसे मुझे तो लगता है फिल्म देखने से ज्यादा अच्छा है गणपति उत्सव में हिस्सा लेंगें तो आप ज्यादा लुत्फ़ उठा सकेगें। 

सोमवार, 14 सितंबर 2015

सलमान ने क्यों बनायी फिल्म हीरो ?

 "हीरो" फिल्म सन १९८३ में रिलीज़ हुई फिल्म का रीमेक है ।  निर्माता निर्देशक सुभाष घई की इस फिल्म ने दो सितारों को फ़िल्मी दुनियाँ में स्थापित किया जिसमें से एक हैं जैकी श्राफ और दूसरी हैं मीनाक्षी शेषाद्रि।  दोनों ने ही अपने अभिनय के बल पर फिल्मों में एक अलग ही मुकाम बनाया।  इस फिल्म नयी फिल्म "हीरो" से भी अभिनेता सलमान  खान ने दो कलाकारों को लॉन्च किया है जिसमें से एक है आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली और सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी को. 

इंटरवेल से पहले की फिल्म फिर भी देखी जा सकती है लेकिन बाद की फिल्म तो देखना सजा पाने जैसा है निखिल अडवाणी दर्शकों से पिछले जन्म का कोई हिसाब चुका रहे हो ऐसा लग रहा है।  हालांकि पिछली फिल्म से इस फिल्म की तुलना करना बिलकुल सही नही है कहाँ वो फिल्म जिसकी कहानी, कलाकार, संगीत सभी बहुत काबिले तारीफ है कहाँ यह फिल्म जिसमें सभी कुछ लचर है।

 सलमान खान ने अपने गाये गीत "मैं तेरा हीरो " को ही प्रोमोट किया है शायद इसलिए क्योंकि बाकी गीत तो वैसे भी प्रोमोट करने लायक नही है.

सलमान खान फिल्म्स की हर फिल्म "बजरंगी भाईजान" जैसी सफलता हासिल करें यह कोई जरुरी तो नही।  जैसी फिल्म निखिल ने बनायी है वैसी तो सुहैल भी बना देते @beingslmankhan 
इस फिल्म की पिछले तीन दिनों की कमाई करीब २० - २२ करोड़ है।  सोमवार १४ सितम्बर  को फन सिनेमा में दोपहर के शो में दर्शकों  में लड़के -लकड़ियों  की संख्या ज्यादा थी ,कुल मिलाकर दर्शकों की उपस्थिति ३५ % रही।