पी वी आर, सिटी मॉल, अँधेरी ( वेस्ट ) मुंबई। सिनेमा घर में ७० प्रतिशत दर्शक। ३५ करोड़ की कमाई की है अभी तक कपिल शर्मा की पहली फिल्म "किस किस को प्यार करूँ" ने
फिल्म " किस किस को प्यार करूँ " में कपिल की तीन पत्नियां और एक गर्ल फ्रेंड दिखायी हैं तो इन सबके बीच वो कैसे बार - बार फसंता है और उसका वकील दोस्त करन (वरुण शर्मा ) न्यूटन के साइंस लॉजिक से कैसे उसे बचाता है यही सब फ़िल्म है , क्या कभी किसी ने सोचा होगा कि अब्बास मुस्तन जैसे निर्देशक जो कि सस्पेंस थ्रिलर फ़िल्में बना कर दर्शकों के दिमाग का दही किया करते थे वो आज ऐसी फ़िल्में बनायेगें जिससे दर्शकों को अपना दिमाग ही ख़र्च न करना पड़े।
वैसे भी आज कल हास्य फिल्मों का मतलब हमारे यहाँ यहीं रह गया है कि हास्य फिल्म देखना है तो आपको दिमाग घर पर रख कर आना चाहिये। कहानी - तर्क किन्तु - परन्तु पर ध्यान नही देना चाहिए और यही इस फिल्म में भी हुआ है। इस फिल्म की कहानी कुछ नयी नही है गोविंदा ने तो साजन चले ससुराल , सैंडविच जैसी कई फिल्मों में २ पत्नियों को हैंडिल किया है और दर्शकों को भरपूर हंसाया भी है। कपिल ने भी कुछ कोशिश की दर्शकों को हँसाने की। वैसे वह अपने सारे कॉमेडी पंचेज तो कॉमेडी नाईट विध कपिल में प्रयोग में ला चुके हैं। कुछ इस फिल्म में भी कपिल ने प्रयोग में लायें हैं जैसे बच्चे का जन्म होना। अरबाज़ खान ने बहरे टाइगर भाई की भूमिका अच्छी की है। कपिल की पत्नियाँ बनी हीरोइनों को दर्शक पहचाने भी नही वो कौन हैं। उनसे ज्यादा तो नौकरानी बनी जॉनी लीवर की बेटी जैमी लीवर ने अच्छा काम किया है।
फिल्म का पहला भाग कुछ सुस्त है , फिल्म का गीत - संगीत भी कमजोर है , बेवजह ही गीतों को फिल्म में रखा गया है। इंटरवेल के बाद फिल्म में कुछ एनर्जी आती है जब शरत सक्सेना और सुप्रिया पाठक आते हैं शरत जब - जब परदे पर आते हैं कोई न कोई पुराना गीत बजता है जिससे दर्शकों को हंसी आती है। एक बार फिल्म देख सकते हैं क्योकि कपिल ने अपने शो के माध्यम से दर्शकों को हँसना सिखाया है तो यह फिल्म तो उनके नाम बनती ही है।

