शुक्रवार, 29 अप्रैल 2016

मार्शल आर्ट को पसंद करते हैं तो देखें फिल्म "बागी : ए रिबेल फॉर लव"

फिल्म का नाम है बागी  : ए  रिबेल  फॉर लव , २ घंटे ३० मिनट की इस फिल्म में प्यार के लिये विद्रोह नहीं बल्कि केरल की मार्शल आर्ट कलारीपयट्टु का प्रदर्शन ही है यानि जो कुछ रॉनी (टाइगर श्रॉफ) ने इस फिल्म में अपने गुरु ( ग्रांड मास्टर शिफूजी शौर्या भारद्वाज , जो की असली जिंदगी में कमांडो ट्रेनर हैं ) से सीखा उसे फिल्म के खलनायक राघव ( सुधीर बाबू , भूतपूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और तेलुगु फिल्मों के कलाकार और तेलुगु अभिनेता महेश बाबू के रिश्तेदार हैं , सुधीर बाबू की यह पहली हिंदी फिल्म है ) के खिलाफ प्रयोग में लिया। जैसे फिल्म "कराटे किड " में जाडेन स्मिथ करता है अपने गुरु जैकी चैन से ट्रेनिंग लेने के बाद।
केरल से मार्शल आर्ट सीख कर हीरो बैंकॉक में विलेन और उसकी आर्मी को पीट कर आता है। केरल की हरियाली और बोट रेस भी दिखायी है निर्देशक सब्बीर खान ने जिन्होंने द रेड : रिडेम्पशन और तेलुगु फिल्म वर्षम को मिला कर बागी बना दी। 

बारिश और हीरो - हीरोइन का गज़ब का कनेक्शन दिखाया है जब भी बारिश होती है श्रद्धा कपूर नाचने - गाने और भीगने लगती है चाहे रेलवे स्टेशन हो या बाज़ार।  

अगर आप मार्शल आर्ट को पसंद करते हैं तो जाये आप यह फिल्म "बागी  : ए  रिबेल  फॉर लव" देखने। क्योंकि इसमें प्यार , रोमांस नहीं बल्कि केरल की मार्शल आर्ट कलारीपयट्टु ही है। टाइगर ने इस आर्ट को परदे में दिखाने में बहुत मेहनत की है। फिल्म का पहला हिस्सा अच्छा कह सकते हैं। हाँ एक ख़ास बात कि हमारी सीधी सादी सी श्रद्धा कपूर ने भी मार्शल आर्ट करती दिखाई दी है , अच्छा लग रहा था इस तरह उन्हें एक्शन करते हुए। 

इस फिल्म में भी श्रद्धा ने 
अरमान मलिक के साथ गीत गाया है "सब तेरा " अच्छा है यह गीत। बाकी गीतों की धुनें पुरानी है। 


शुक्रवार, 22 अप्रैल 2016

संता बंता प्राइवेट लिमिटेड -- संता बंता के नाम को भी कैश नहीं कर पाये

"संता बंता प्राइवेट लिमिटेड' कहने को तो इस फिल्म का प्रचार एक हास्य फिल्म के रूप में किया गया था। लेकिन 1 घंटा 52 मिनट की इस फिल्म में मुश्किल से कुछ एक जगह ही हंसी आती है। 

 निर्देशक आकाशदीप साबिर की इस फिल्म में हास्य अभिनय में माहिर कई दिग्गज हैं जैसे बमन ईरानी, वीर दास, नेहा धूपिया, लीजा हेडन, राम कपूर, विजय राज, संजय मिश्रा, जॉनी लीवर।  इसके बावजूद हास्य के नाम पर जीरो है यह फिल्म । निर्देशक "संता बंता " के नाम को भी कैश नहीं कर पाये। 

सारे के सारे जोक्स पुराने और घिसे पिटे हैं , जॉनी लीवर भी हंसा पाने में कामयाब नहीं हुए। फिल्म के आखिरी दृश्य में पूर्व प्रधानमंत्री को दिखा कर हंसाने की असफल कोशिश की निर्देशक ने। हाँ इतना जरूर है की अश्लील हास्य नहीं है फिल्म में।  

गीत - संगीत में बिलकुल दम नहीं है। क्या सोच कर बनायी यह फिल्म।  कम से कम फ़िजी की ख़ूबसूरती ही दिखा देते। 

शनिवार, 16 अप्रैल 2016

सदमा फिल्म बंद नहीं हुई है -ऐसा कहा निर्देशक लॉयड बैप्टिस्ट ने।


पिछले कुछ समय से ये खबर आ रही थी की करीना कपूर के इंकार करने के बाद, श्रीदेवी की सुपरहिट हिंदी फिल्म सदमा की रीमेक डिब्बे में बंद हो गयी है। इसमें करीना कपूर और रणवीर सिंह के लीड रोल में होने की बात सुनने में आ रही थी। लेकिन बाद में करीना कपूर ने ये साफ़ कर दिया की वो सदमा रीमेक का हिस्सा नहीं है। इस फिल्म के प्रवक्ता हिमांशु झुनझुनवाला का बयान सामने आया है इस तरह  ख़बरें ग़लत हैं। उन्होंने कहा की जो खबर चल रही है वो सब ग़लत है। ना तो सदमा फिल्म का रीमेक बंद हुआ है और ना ही करीना कपूर ने इंकार किया है।  मेरा अनुरोध है पत्रकार बंधू से की खबर छापने से पहले मुझसे या फिल्म के निर्देशक लॉयड बैप्टिस्ट से एक बार पूछ लें। 
ऐड फिल्मकार लॉयड बैप्टिस्ट ने सदमा फिल्म के रीमेक बनाने की ठानी है।उन्होंने कहा की सदमा एक बहुत बड़ी फिल्म है और मैं इसके रीमेक के साथ पूरा न्याय करना चाहता हूँ। जल्दबाज़ी में कोई फ़ैसला नहीं लेना चाहिए। फाइनल होने के बाद नाम का खुलासा कर दिया जायेगा। ये फिल्म का रीमेक मैं हिंदी और इंग्लिश में बनाने वाला हूँ। इंडस्ट्री के जाने माने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इस फिल्म की कास्टिंग करेंगे जिसे सेवन फिल्म्स बनाएगी। 

सोमवार, 4 अप्रैल 2016

की एंड का दोनों हैं बराबर

शाम ४ बजे का शो टाइम ,पी वी आर आइकॉन , वर्सोवा, मुंबई , ४० प्रतिशत दर्शक।  

 शुक्रवार यानि १ अप्रैल को रिलीज़ हुई निर्देशक आर बाल्की की फिल्म "की एंड का " . जब इस फिल्म के प्रोमो शुरू हुए थे तभी से दर्शकों को उत्सुकता थी "की एंड का " को लेकर , कुछ लोगों को बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा था यह देखकर की,  की यानि किया दफ्तर में काम करती है और का यानि कबीर घर संभालता है।  
मैं आज यह फिल्म  शाम ४ बजे के शो में देखने गयी करीब ४० प्रतिशत दर्शक थे हॉल में, उन्हें देखकर मैं यह सोचने लगी कि ये सारे आर बाल्की की वजह से ही थिएटर तक आये होंगे क्योंकि उनकी सभी फ़िल्में आम मसाला फिल्मों से थोड़ी हट कर ही होती हैं लेकिन कहीं ज्यादा ही हट कर हुई फिल्म "शमिताभ " की तरह यह फिल्म भी तब तो कुछ दर्शकों को हो सकता निराशा ही हाथ लगे।  लेकिन ऐसा हुआ नहीं।  
शुरू से आखिरी तक बांधे रखती है यह फिल्म , नया कॉन्सेप्ट है फिल्म का , क्यों घर संभालने वालों के काम को लोग अहमियत नहीं देते क्यों उन पर निकम्मेपन का ठप्पा लगा देते हैं , इन बातों को बहुत ही उम्दा तरीके से दिखाया है आर बाल्की ने। करीना , अर्जुन दोनों का काम अच्छा है।  मैं यहाँ सारी  कहानी और सारा सस्पेंस नहीं बता रही लेकिन आप फिल्म देख कर आइये निश्चित रूप से आपके पैसे वसूल होंगे और मज़े मज़े में बहुत कुछ बातें आपको सोचने पर भी मजबूर करेगीं। 

एक सरप्राइज पैकेज है इस फिल्म में और वो है अभिनेत्री स्वरूप सम्पत, जो की बहुत सालों के बाद परदे पर नज़र आयी हैं  साथ में बिग बी और जया बच्चन भी हैं फिल्म में , इस फिल्म की कुछ कहानी इन दोनों की एक बहुत ही लोकप्रिय फिल्म से मिलती है। 
 देखिये और एक अच्छी फिल्म देख कर आइये और मुझे बताइये की आपको कैसी लगी यह फिल्म।