शुक्रवार, 27 नवंबर 2015

तमाशा में भी वही कहानी क्यों ?

जैसा कि फिल्म तमाशा की टैग लाईन है "वाये ऑलवेज द सेम स्टोरी -- तमाशा " यह बात फिल्म "तमाशा ' पर पूरी तरह से सही लागू होती है. लेकिन दर्शक पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक निर्देशक इम्तियाज़ अली वही कहानी दोहराते रहेगें अपनी फिल्मों में। कई बार फिल्म #तमाशा उनकी पिछली फिल्मों #रॉक स्टार  #जब वी मेट #हाईवे   की याद दिला रही थी। 

बीच - बीच में कुछ  - कुछ उलझी हुई सी कहानी है। एक कहानी के माध्यम से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है. अगर सीधे ही कहानी आगे बढ़ती तो भी अच्छा रहता है. शायद निर्देशक ने कुछ अलग तरह से पुरानी कहानी को दिखाने के चक्कर में ऐसा किया हो। निर्देशक इम्तियाज़ अली की फिल्मों का सभी दर्शकों को इंतज़ार रहता है क्योंकि उनकी फिल्मों में फिल्मांकन हमेशा अलग तरह से होता है जबकि कहानी " ऑलवेज द सेम स्टोरी".
पी वी आर सिनेमा सिटी मॉल अँधेरी वेस्ट, मुंबई में सुबह १० -४५ का शो और बहुत समय बाद देखा कि पहली सीट से आखिरी सीट तक सारा का सारा फुल। यह निर्देशक इम्तियाज़ अली और #रणबीर  #दीपिका की जोड़ी का क्रेज़ था शायद लेकिन अच्छा लगा इस तरह से थियेटर को भरा हुआ देख कर.  रणवीर और दीपिका दोनों ही अच्छे लगे हैं।  रणबीर  तो इतने अच्छे अभिनेता हो गये है 'रॉक स्टार" के बाद कि उन्हें बस देखते ही जाओ यही मन करता है।   

कोर्सिका (फ्रांस) की ख़ूबसूरती निस्संदेह दर्शकों को अपने ओर खींचने में कामयाब हुई है और जो भी भारतीय टूरिस्ट वहां जायेगें उसका सारा श्रेय इस फिल्म को ही जायेगा। फिल्म में मेरी सीट के पीछे वाले दर्शक तो जरूर ही वहां जायेगें क्योंकि जब - जब परदे पर कोर्सिका दिखाया गया उन्होंने कोर्सिका की ख़ूबसूरती की तारीफ की। 



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