पी वी आइकॉन, वर्सोवा अँधेरी वेस्ट मुम्बई , फिल्म "दंगल " शो टाइम शनिवार ,दोपहर ११ बजकर ३० मिनट। पूरा थियेटर भरा हुआ दर्शकों से। ऐसा तब ही होता है जब फिल्म बहुत अच्छी हो। इससे पहले फिल्म "क़्वीन " में ऐसा देखने को मिला था। आज सबसे अच्छी बात थियेटर में यह देखने को मिली कि जब गीता फ़ोगाट गोल्ड मेडल जीत जाती है और देश का राष्ट्रीय गीत "जन गण मन " बजता है तब फिल्म के अंदर के साथ - साथ थियेटर में भी सारे दर्शक इसके सम्मान में खड़े हो जाते हैं। यह सच में दिल को छू लेता है।
फिल्म "दंगल" भूतपूर्व पहलवान महावीर सिंह फोगट और उनकी बेटियाँ गीता और बबीता ( जोकि दोनों ही पहलवान हैं ) के जीवन पर आधारित है। यह फिल्म केवल रेसलिंग पर ही आधारित नही है बल्कि यह एक पिता और उसकी बेटियों के बीच के भावनात्मक सफर की कहानी है. एक ऐसा पिता जो कि अपनी बेटियों की सशक्त बनने की शिक्षा देता है और फिर बेटियाँ किस तरह से अपने पिता की सिखाई शिक्षा से पिता के सपनों को पूरा करती हैं।
कुश्ती खेल पर आधारित फिल्म है लेकिन फिर भी कहीं से भी नीरस नही है दर्शको को एक भी पल ऊब नही होती और एक भी दर्शक थियेटर से बाहर नही जाता छोटे से लेकर बड़े सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है तभी फिल्म अच्छी बनी है। हरियाणा के छोटे से क़स्बे बिलाली से अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर रेसलिंग खेलने जाना बहुत बड़ी बात है किसी भी लड़की के लिए। हरियाणा जहाँ लड़की का जन्म लेना ही अपराध माना जाता है जहाँ सबसे ज्यादा कन्या भ्रूण हत्या होती है वहाँ की लड़की जब इस स्तर पर पँहुचती है तो खुद पर गर्व होता है कि हम भी उसी भारत देश के नागरिक हैं।
फिल्म #दंगल जरूर जाकर देखें अच्छी फिल्म है लड़कियाँ ही नही उनके घर वाले , रिश्तेदार आस पड़ोस वाले भी समझ पायेगें कि पहलवानी केवल छोरे ही नहीं म्हारी छोरियाँ भी कर सकती हैं क्योंकि म्हारी छोरियाँ छोरों से कम हैं के.
आमिर खान , साक्षी तंवर , फ़ातिमा सना शेख़ , ज़ायरा वसीम, सान्या मल्होत्रा , सुहानी भटनागर , रोहित शंकरवार ,अपारशक्ति खुराना और निर्देशक नितेश तिवारी सभी का धन्यवाद ऐसी अच्छी फिल्म बनाने के लिये।
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