मंगलवार, 30 जनवरी 2018

पद्मावती या पद्मावत

फिल्म "पद्मावत" पहले इसी फिल्म का नाम था " पद्मावती " जो कि १ दिसम्बर २०१७ को रिलीज़ होने वाली थी , लेकिन राजपूतों के विरोध और सेंसर बोर्ड की वजह से यह चर्चित फिल्म अब २५ जनवरी को "पद्मावत" के नाम से बड़ी मुश्किलों से रिलीज़ हुई है। हिंदी, तमिल और तेलुगु तीन भाषाओं और थ्री डी में भी रिलीज़ हुई फिल्म का नाम बदलने से दर्शकों को कुछ भी फर्क नहीं पड़ा है आज भी लोग इसे पद्मावती के नाम से ही पुकार रहे हैं।  या 

२९ जनवरी को हैदराबाद के पी वी आर सिनेमा , आर के काम्प्लेक्स, वेंकट नगर, बंजारा हिल्स में शो टाइम ४ बजे में भरपूर दर्शकों की भीड़ करणी सेना को धन्यवाद कर रही थी क्योंकि बहुत सारे  दर्शक तो मात्र उनके विरोध की वजह से ही शायद फिल्म देखने आये थे नहीं तो अमूमन ३ तीन दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को इतने अधिक दर्शक थियेटर में दिखाई नहीं देते। 

सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी के काव्य पर आधारित फिल्म "पद्मावत " में कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे देखकर किसी भी राजपूत का सर शर्म से झुक जाये। रानी पद्मावती के किरदार में अभिनेत्री दीपिका ने अपने अभिनय से चार चाँद लगायें हैं। इसी तरह राजा रतन सेन ( शाहिद कपूर ) ख़िलजी ( रनवीर सिंह ) सभी ने लाजवाब अभिनय किया है। 

 फिल्म के आखिरी दृश्य को देखकर थियेटर में बिलकुल शांति छायी हुई थी। थोड़ी बड़ी फिल्म है लेकिन चलो कोई बात नहीं निर्देशक संजय लीला भंसाली की फ़िल्में इतनी बड़ी ही होती हैं। अगर आप करणी सेना के विरोध की वजह जानना चाहते हैं तो अवश्य "पद्मावत "  देखें।  भव्य सेट वाली फिल्मों के शौक़ीन हैं तो भी फिल्म देखना बनता है , अगर दीपिका , रनवीर और शाहिद के प्रशंसक हैं तब तो जाकर एक बार देख सकते हैं क्योंकि टी वी यह फिल्म शायद ही रिलीज़ हो क्योंकि ......... बहुत सारी वजहें हैं इसकी। 


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