बुधवार, 30 जून 2021

दंगों का ग्रहण 

 वेब सीरीज -- ग्रहण 

ओ टी टी --डिज़्नी हॉट स्टार 

निर्देशन -- राजन चंदेल 

लेखक सत्य व्यास के उपन्यास "चौरासी " पर आधारित 

 लेखक --अनु सिंह चौधरी, नवजोत गुलाटी, विभा सिंह, प्रतीक पयोधी, रंजन चंदेल व शैलेंद्र कुमार झा

कलाकार -- जोया हुसैन , पवन मल्होत्रा , अंशुमान पुष्कर , वमिका गब्बी , टीकम जोशी, सहीदुर रहमान  आदि।

डिज्नी हॉट स्टार पर प्रसारित वेब सीरीज "ग्रहण " लेखक सत्य व्यास की किताब "चौरासी " पर आधारित है। २०१८ में आयी किताब "चौरासी" १९८४ में हुए दंगों पर आधारित है। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को उनके ही एक सिख अंगरक्षक ने गोली मार कर हत्या कर दी थी उसके बाद देश में जो दंगे हुए उसी को के इर्द गिर्द कहानी है इस शो "ग्रहण " की। 

 कहानी  ---  दो अलग शहर और दो अलग समय की कहानी है। दोनो  कहानी एक साथ चलती  हैं।  एक कहानी २०१६ राँची में है तो दूसरी १९८४ में बोकारो में दिखायी है।  झारखंड में चुनाव होने वाले हैं तो ऐसे में मुख्यमंत्री अपने वोटों के लिए १९९४ में हुए दंगों की पुन : जाँच कराने के लिए एक कमेटी बैठाते हैं जिसका  जिम्मा एस पी अमृता सिंह को सौपां जाता है। जाँच के दौरान इन दंगों में अमृता को अपने पिता के शामिल होने के बारें में पता चलता है  जो किसी समय ऋषि रंजन थे जबकि अब वो गुरसेवक नाम के सिख बने हुए हैं। क्या है इस सब के पीछे का रहस्य ?इसकी गुत्थी भी सुलझाने में लगी है अमृता। जबकि इसी बीच उसके पिता १९८४ के दंगों का गुनाहगार खुद को मान कर समर्पण कर देते हैं। अमृता पूरी तरह से अपनी ड्यूटी में लगी हुई है। अपने पिता से नाराज भी है कि क्यों उसे इस सच्चाई का पता नहीं है। क्या होता है ? कैसे होता है ? कौन है असली गुनाहगार ? यही सब दिखाया है इसमें। 


८ एपिसोड वाली यह सीरीज दर्शकों को  निस्संदेह रूप से पसंद आयेगी क्योंकि इसमें वो सब है जो कि दर्शक देखना चाहते हैं यानि इसमें ऋषि और मनु के बीच बहुत ही खूबसूरत प्रेम कहानी है ,पुरानी फिल्मो की बाते हैं, दंगे हैं  और राजनीति है। एक साथ बिना रुके दर्शक इस सीरीज को देख सकते हैं लेकिन बीच - बीच में राजनीति देखकर मन बहुत खराब होता है। जो लोग एक साथ बैठ कर हँसते बोलते हैं वो कैसे किसी के बरगलाने से  दूसरे को जान से मारने पर आमादा हो जाते हैं और फिर जब कुछ समझ में आता है तब पछताने के अलावा इंसान कुछ नहीं कर सकता।  एक - दो एपिसोड कुछ धीमें हैं  लेकिन फिर भी दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब है "ग्रहण "

निर्देशन -- राजन चंदेल ने अच्छा निर्देशक किया है। राजन ने एक लेखक और सहायक के रूप अनुराग कश्यप के साथ काम किया है तो उन्हें दर्शकों को कैसे बांधे रखना है यह कला आती है। शो में ऋषि की किरदार अभिनीत किया है "जामताड़ा " फेम अंशुमान पुष्कर ने अच्छा काम किया है। मनु की भूमिका में हैं वमिका गब्बी, अच्छी लगी हैं , उन्होंने इससे पहले दिल दिया गल्लां , सिक्सटीन और लव आज कल में अभिनय किया है। अमृता की भूमिका अभिनीत की है मुक्काबाज  फेम जोया हुसैन ने , अच्छा अभिनय है।  टी वी अभिनेता नंदिश सिंह संधू भी हैं इसमें ,लेकिन उनके हिस्से बहुत ही कम काम आया है। अभिनेता पवन मल्होत्रा ने  बुजुर्ग ऋषि यानि अमृता के पिता की भूमिका अभिनीत की है। हमेशा की तरह उन्होंने बहुत ही उम्दा किया है उन्हें देखना हमेशा ही अच्छा लगता है। इस सीरीज में गीत भी है जो मधुर हैं। सब कुछ अच्छा है , लेकिन इसका नाम ग्रहण क्यों रखा समझ नहीं आया। 




 

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